Kurma Jayanti
कूर्म जयंती:
ज्योतिषी भाग्यराज गुप्त की ओर से कूर्म जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ| कूर्म जयंती की पूजा में जरूर करें इस स्तोत्र का पाठ, भगवान विष्णु दूर करेंगे हर चिंता कूर्म भगवान विष्णु के ही दूसरे अवतार हैं। पंचांग के अनुसार हर साल वैशाख माह की पूर्णिमा पर कूर्म जयंती मनाई जाती है। इस तिथि पर मुख्य रूप से भगवान विष्णु के कच्छप (कछुआ) अवतार की पूजा की जाती है। ऐसे में कूर्म जयंती पर कुर्म स्तोत्र का पाठ करके आप भगवान विष्णु की विशेष कृपा की प्राप्ति कर सकते हैं। धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल वैशाख पूर्णिमा पर कूर्म जयंती मनाई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार धारण किया था। समुद्र मंथन के लिए मंदराचल पर्वत को मथानी एवं नागराज वासुकि को रस्सी बनाया गया था, लेकिन मंदराचल के नीचे कोई आधार नहीं था, जिस कारण वह समुद्र में डुबने लगा। यह देखकर भगवान विष्णु विशाल कूर्म (कछुए) का रूप धारण किया और समुद्र में मंदराचल के आधार बन गए। वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि 22 मई 2024 को शाम 05 बजकर 17 मिनट पर शुरु हो रही है। साथ ही इस तिथि का समापन 23 मई, 2024 को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, कूर्म जयंती 23 मई, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। Kurma Jayanti celebrates the tortoise avatar of
Kurma jayanti:
Astrologer Bhagyaraj Gupt wishes you a very happy Kurma Jayanti. Lord Vishnu, Kurma. This auspicious day commemorates the second incarnation of Vishnu, where he helped the gods and demons churn the ocean of milk (Samudra Manthan) to obtain Amrita, the nectar of immortality. Kurma provided a stable base, supporting Mount Mandara on his back during the churning. Devotees observe this day with prayers and rituals, seeking blessings for stability, strength, and perseverance.
